निर्यात व्यवसाय शुरू करने में कई पंजीकरण, दस्तावेज़ और अनुपालन आवश्यकताएँ हो सकती हैं। पहली अंतरराष्ट्रीय खेप भेजने वाले छोटे व्यवसायों के लिए एक अतिरिक्त पंजीकरण भी शुरुआती बोझ बढ़ा सकता है।
DGFT अधिसूचना संख्या 36/2026-27 के तहत, जहाँ विदेश व्यापार नीति 2023 के अंतर्गत अन्यथा प्रमाणपत्र आवश्यक होता, वहाँ ₹3 लाख तक FOB मूल्य वाली निर्यात खेप के लिए RCMC (Registration-cum-Membership Certificate) या पंजीकरण प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं होगी।
इस बदलाव का उद्देश्य छोटे और पहली बार निर्यात करने वाले व्यवसायों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में प्रवेश आसान करना है।
क्या बदलाव हुआ है?
विदेश व्यापार महानिदेशालय ने विदेश व्यापार नीति 2023 के पैराग्राफ 2.57 में संशोधन किया है। यह 15 सितंबर 2026 को जारी हुआ और तुरंत प्रभावी हुआ। यह कम मूल्य की खेपों के लिए विशेष छूट है और छोटे निर्यातकों का शुरुआती अनुपालन बोझ घटाने के साथ डाक, कूरियर तथा अन्य उभरते माध्यमों से निर्यात को आसान बनाने के लिए है।
₹3 लाख की सीमा का क्या अर्थ है?
यह सीमा हर निर्यात खेप के FOB मूल्य पर लागू होती है। यह सालाना कारोबार, मासिक निर्यात या व्यवसाय के कुल निर्यात की सीमा नहीं है।
यदि पात्र खेप का FOB मूल्य ₹2.5 लाख है, तो इस प्रावधान में शामिल RCMC या पंजीकरण प्रमाणपत्र की आवश्यकता लागू नहीं होगी। FOB मूल्य ₹3 लाख से अधिक होने पर छूट नहीं मिलेगी और जहाँ प्रमाणपत्र अन्यथा आवश्यक है, मौजूदा आवश्यकता जारी रहेगी।
RCMC क्या है?
RCMC का पूरा नाम Registration-cum-Membership Certificate है। विदेश व्यापार नीति के अंतर्गत Export Promotion Councils पंजीकरण प्राधिकरण के रूप में अपने सदस्यों को RCMC जारी कर सकती हैं। इसका ढाँचा आम तौर पर आयात/निर्यात प्राधिकरण या नीति के अन्य लाभों के लिए आवेदन से जुड़ा है; निर्धारित अपवाद और प्रक्रियाएँ लागू होती हैं।
यह अधिसूचना पात्र छोटी खेपों के लिए विशेष छूट देती है। इससे RCMC समाप्त नहीं होता।
किसे लाभ मिल सकता है?
सरकार ने MSME, कारीगर, छोटे व्यवसाय, पहली बार निर्यात करने वाले और उभरते निर्यातकों को संभावित लाभार्थी बताया है। इससे डाक, कूरियर और अन्य उभरते माध्यमों, जिसमें ई-कॉमर्स से जुड़ा निर्यात भी शामिल है, को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
यह उन व्यवसायों के लिए उपयोगी हो सकता है जो विस्तार से पहले छोटी खेपों से विदेशी माँग परखना चाहते हैं।
क्या इससे अन्य निर्यात अनुपालन भी हटते हैं?
नहीं। अधिसूचना में केवल पैराग्राफ 2.57 के अंतर्गत आने वाली RCMC या पंजीकरण प्रमाणपत्र की आवश्यकता से छूट दी गई है। ₹3 लाख तक की खेपें बाकी सभी निर्यात आवश्यकताओं से मुक्त नहीं हैं।
उत्पाद, गंतव्य, लेन-देन और निर्यात माध्यम के अनुसार अन्य नियम लागू रह सकते हैं। सही अर्थ है: हर खेप का FOB मूल्य ₹3 लाख तक होने पर, जहाँ अन्यथा लागू हो, RCMC/पंजीकरण प्रमाणपत्र से छूट। इसका अर्थ यह नहीं कि कोई निर्यात अनुपालन नहीं करना होगा।
मुख्य बात
निर्यात की योजना बना रहे छोटे भारतीय व्यवसायों के लिए, ₹3 लाख तक FOB मूल्य वाली पात्र खेप को विदेश व्यापार नीति के अंतर्गत जहाँ अन्यथा लागू होता, वहाँ RCMC या पंजीकरण प्रमाणपत्र की आवश्यकता से छूट है। इससे अधिक मूल्य पर, जहाँ लागू हो, मौजूदा आवश्यकता जारी रहती है।
यह निर्यात अनुपालन से पूरी छूट नहीं है। दूसरी लागू आवश्यकताओं का पालन करना पड़ सकता है। छोटी शुरुआत करें, लेकिन निर्यात के नियमों का पालन करें।
आधिकारिक स्रोत
- Press Information Bureau, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
PIB की आधिकारिक घोषणा पढ़ें ↗ - DGFT अधिसूचना संख्या 36/2026-27
DGFT अधिसूचना PDF पढ़ें ↗ - विदेश व्यापार नीति 2023 – DGFT
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